बिहारी के १०१ साल
दोस्तों आज से १०१ साल पहले हम बिहारी नहीं बंगाली हुआ करते थे I २२ मार्च का दिन हम सभी १० करोड़ बिहारियों के लिए बहुत खास है हमारी एक पहचान बनी बिहारी होने की पहचान I हमारा यह राज्य देश के भौगोलिक पटल पर बारहवी स्थान रखता है I हमारे इस भूमि ने एक से एक महान लोगो को अपना नाम दिया है , गौतम बुद्ध, महावीर, सीता ,जैसे महापुरुष और महादेवी यही हुए इसके अलावा वीर कुवंर सिंह, रामधारी सिंह दिनकर विद्यापति राजेंद्र प्रसाद जैसे ऐसे अनेको नाम है जिनसे हमारे बिहार का नाम रौशन हुआ है I और क्रांतिकारियों के इतिहास में जय प्रकाश नारायण को भुला नहीं जा सकता जिसकी वजह से हमे ढेर सारे राजनेता और समाजसेवी मिला I
लेकिन दुर्भाग्य हमारा हमे २००० इसवी में फिर से बाँट दिया गया और हमसे झारखण्ड अलग हो गया फिर भी हम उसे अपना भाई ही समझते है I बरौनी रिफाइनरी जैसे उद्योग पुरे देश को तेल की सुविधा देता आ रहा है I
हमारा बिहार शिक्षा के मामले में जरुर निम्न स्तर पर है लेकिन यह भी एक सत्य है की सिविल सेवा में सबसे ज्यादा सफलतम कैंडिडेट देने वाला राज्य भी बिहार ही है I
खैर ज्ञान की बाते तो होती ही रहेंगी आए हुम कुछ चर्चा अपने संस्कृति विविधताओं का भी कर ले -:
हम अपने मिथिला पेंटिंग को लेकर हमेशा से गर्व करते आ रहे है और करते रहेंगे , हमारा भोजपुरी रंग भी किसी से छुपा नहीं है हम अपने त्यौहार की ख़ुशी पुरे दिल से मनाना जानते है चाहे होली हो या दीवाली दुर्गा पूजा हो या छठ पूजा हम हर पल को बखूबी और दिल से जीना जानते है I हमारा बिहार ही एक ऐसा राज्य है जहा हर जिला की अपनी विवधताओ से भरी भाषा है और सबसे मजेदार बात ये है की हम सब एक दुसरे की बातो को आसानी से समझ भी लेते है I बिहार में भारत का हर रंग है
B- BHARAT
I- INDIA
H- HINDUSTAAN
A- ARYAVART
R- REVA
और आज का वक़्त है तो बस ख़ुशी मनाने का क्योकि हमारा अस्तित्व भी आज ही के दिन बना है यानि होली के आसपास इसलिए हमारा राज्य अनेक प्रकार के रंगों से भरा है तो आइए हम पने राज्य के उज्वल भविष्य की कामना करें और लगन से मेहनत करें ताकि हमारा राज्य हर मामले में सबसे आगे जाए और दुनिया में अपना परचम लहराए I
जय बिहार
रणजीत


